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Friday, April 12, 2019

Novel_Vo bhayanak Raat By Mithlesh Gupta

हेलो दोस्तो मैं फिर से एक नावेल सूरज पॉकेट बुक्स का शेयर कर रहा हु आशा है ये नावेल आप के रोंगटे खड़ा कर देगा।उस नावेल के बारे में अपने विचार कमेंट बॉक्स में साझा करें , धन्यबाद।

Tuesday, February 12, 2019

Brom Stroke : Drackula

हेलो दोस्तों जैसा की आप लोगो की रिक्वेस्ट थी की ब्रोम स्ट्रोक रचित ड्रैकुला का हिंदी में अनुवादित उपन्यास मैं अपलोड करु तो मैं अपलोड कर रहा हु । जो की एक नॉवेल प्रेमी के ब्लॉग princfanclub. com पर मिला  और मैं आप से शेयर कर  रहा हूं । एक बार इस ब्लॉग को भी विजिट करें और थैंक्स to एडमिन ऑफ that ब्लॉग। 

Tuesday, December 11, 2018

TNT_AndherNagari_H

तारकनाथ तांत्रिक (TNT) एक अजीबोगरीब गवेक्षक है जिसका अतीत रहस्यमयी तथा अंधकारमयी घटनाओं से भरा हुआ है। चालीस-पचास की उम्र का दिखने वाला यह शख्स लगभग एक पूरी सदी जी चूका है। वर्तमान में उसका निवास स्थान कलकत्ता है जहां वह अकेले रह रहा था लेकिन सिर्फ तबतक जबतक कि C.I.D. ऑफिसर ‘शंकर’ और हॉरर नॉवेलिस्ट ‘विभूति’ उसके अच्छे दोस्त नहीं बन गये।
इधर कलकत्ता भयानक एवं रहस्यमयी कत्लों के प्रकोप से गुज़र रहा है जिनकी वजह बड़े से बड़े दिग्गज भी तलाश पाने में असमर्थ हैं। TNT इन कत्लों के पीछे का रहस्यमयी तथा अलौकिक पहलू ढूंढने के लिए अपने दोस्तों के साथ भिड़ गया है। कोई तो है इन सबके पीछे जिसकी विचित्र शक्तियां आम लोगों को हैवान बना रही हैं। इन सबकी जड़ें हमें सत्तर के दशक के नक्सली दौर में ले जाती हैं…अतीत में जन्मी प्रतिशोध की आग वर्तमान में ‘खुशियों का शहर’ कहे जाने वाले कलकत्ता को तब्दील करने वाली है ‘अंधेर नगरी’ में।
क्या तारक वक्त से पहले सारी गुप्त कड़ियाँ आपस में जोड़कर इस शहर को नर्क बनने से बचा पाएगा?

Tuesday, June 10, 2014

DO KATORA KHOON-Raj comics

नरभेड़ियों और रक्तपिशाचों की हजारों साल पुरानी दुश्मनी के बीच आ फंसी निर्दोष अलंकृता! और शुरू हो गया आतंक का एक नया सिलसिला! रोजाना सुनसान सड़कों पर निकलने लगी एक चुड़ैल लेने दो कटोरा खून! आखिर क्या रिश्ता था अलंकृता का इस खुनी संघर्ष से? किसे चाहिए था दो कटोरा खून और क्यों?

EK KATORA KHOON-Raj Comcs


आधी रात के बाद सुनसान सड़क पर होती है आहट! दिखता है एक साया! हाथों में लिए एक खाली कटोरा! सन्नाटे में गूंजती है एक आवाज! मुझे चाहिए खून! एक कटोरा खून! पर किसलिए? नरभेड़ियों और रक्तपिशाचों की हजारों साल पुरानी दुश्मनी के बीच आ फंसी निर्दोष अलंकृता! और शुरू हो गया आतंक का एक नया सिलसिला! रोजाना सुनसान सड़कों पर निकलने लगी एक चुड़ैल लेने दो कटोरा खून! आखिर क्या रिश्ता था अलंकृता का इस खुनी संघर्ष से? किसे चाहिए था दो कटोरा खून और क्यों?